ख़ामोशी

खामोशी पसरी हुई है चारो ओर
हम सब भी खामोश ही है
अपनी अपनी ज़ुबा को सिल चुके है
शायद गूँगे और बहरे होने का
नाटक कर रहे है
वो भी
आँखों पर पट्टी बाँध कर
ख़ामोश तो वो भी हो गयी है
या कहू ……..
कि ख़ामोश कर दी गयी है
लेकिन उसकी ख़ामोशी
बोल रही रही है
चिल्ला रही है
इंसाफ माँग रही है
अब भी वक़्त है
हमे अपने गूँगे , बहरे होने का नाटक
बंद करना होगा
उसकी खामोशी को सुनना होगा
नही तो बहुत देर हो जाएगी
और
पश्चताप के सिवा
कुछ भी नही बचेगा
हमारे पास।

महबूब

जफ़ा के बदले

वफ़ा माँगता है

देखो मेरा महबूब

मुझ से क्या माँगता है !

ग़म , आँसू , तन्हाई दे कर

मुझ से मेरी ख़ुशियों का

हिसाब माँगता है !

मैं इस देश की वासी हूँ……

#मेरे अपने विचार🙏 # राजस्थान # राजनीति 🌹

मेरा राजनीति से कोई सरोकार नही और न ही कभी कुछ लिखती लेकिन आज की परिस्थिति को देख कर रहा नही गया 🙏 वर्तमान समय मे ये उठा पटक , बाड़ेबंदी , खेमो में बँटना , बयान बाजी कि मैं फला के साथ हूँ आदि आदि कितना बे तुका लगता है ।
मंचों पर राष्ट्र प्रेम , देश भक्ति के नारे लगाने वाले वास्तविकता में कितने खोखले है ।
और इनसे भी खोखले हम है जो अंधभक्ति में डूबे इनके सुर में सुर मिलाते है।
वैसे तो देखे पूरी दुनिया पर ही इस वक़्त काले बादल मंडरा रहे है और हमारा देश बुरे आर्थिक संकट से गुज़र रहा है , आम आदमी अपनी दो वक़्त की रोटी नही जुटा पा रहा , हैंड टू माउथ वाले सड़को पर है लेकिन फिलहाल ये सब गौण है क्योंकि मामला किस्सा कुर्सी वाला है ।
हालाँकि कोरोना जैसी आपदा से हम सब मिल कर बड़ी ही हिम्मत से लड़ रहे है लेकिन ये राजनीति सिर्फ और सिर्फ अपनी रोटियां सेक रही है कोई भी दल है सब अपनी नज़र से अपने अपने तीर अपने अपने धनुषों पर टांग के खड़े है।
कैसी विडम्बना है इस वक़्त किसी भी दल को सिर्फ सत्ता सुख के आगे कुछ दिखाई ही नही दे रहा ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन सम्पूर्ण विश्व को चेता रहा है लेकिन हमारी राजनीति गिनतियों में लगी है, परेड में लगी है , बाड़ेबंदी में लगी है , दल बदल में लगी है।
कोरोना महामारी को फैलने से रोकने हेतु बने नियम शायद आम जन के लिए थे और ये लोग शायद आम जन नही । धज्जियां उड़ा रखी है नियमो की सब फ़ोटो खिंचवाने में लगे है मेरे नम्बर कम न हो जाये ।इस वक्त इनको ये भी याद नही की इनमें ही यदि कोई संक्रमित हुआ तो वो स्थिति कितनी भयावह होगी ।
खुद के बनाये नियम सब ताक पे रख कर अपनी अपनी शतरंज की बाजी खेल रहे है ।
वाहः राजनीति ……